नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में बच्चों के यौन शोषण का बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है। वो भी कांग्रेस के एक कद्दावर नेता के प्रसाद नगर स्थित स्कूल से। बड़ी बात ये कि इस पूरे रैकेट की जानकारी दिल्ली पुलिस को है, सरकार को भी सब कुछ मालूम है लेकिन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं। ये मामला कुछ दिन पहले कैब चालक की गिरफ्तारी से खुला था लेकिन सब कुछ दबा दिया गया। अब आईबीएन 7 के हाथ यौन शोषण के शिकार बच्चों की चिट्ठी लगी है। चिट्ठी से साबित होता है कि यौन शोषण में सिर्फ कैब ड्राइवर ही नहीं, स्कूल के टीचर भी शामिल हैं। चिट्ठी से साफ है कि यौन शोषण का शिकार सिर्फ तीन नहीं बल्कि सात और बच्चे हुए। बच्चे ने जो लिखा है वो इंसानियत को शर्मसार करने के लिए काफी है।
दरअसल हंगामा मचने के बाद दबाव में आई दिल्ली सरकार ने यौन शोषण का शिकार हुए बच्चों को काउंसलिंग के लिए एक खास संस्थान में भेजा था। संस्थान में 25 दिनों तक लगातार इन बच्चों को उस सदमे से बाहर निकालने की कोशिश की गई। इसी दौरान पीड़ित बच्चों ने डॉक्टरों को बताया कि यौन शोषण करने वालों में सिर्फ कैब ड्राइवर ही शामिल नहीं थे स्कूल के तीन-चार छात्र भी इस हरकत में शामिल थे। यही नहीं, स्कूल के ही तीन-चार टीचर भी यौन शोषण में शामिल थे।
काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने खुलासा किया कि उन्हें शराब पिलाई जाती थी। इंजेक्शन लगाया जाता था और फोटो भी खींचे जाते थे। यहां ये भी गौर करना जरूरी है कि ये बच्चे जिस स्कूल में थे वहां 4000 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं और ये दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके का नामी पब्लिक स्कूल है यानि भरोसा आप स्कूल की हैसियत और इमेज देखकर नहीं कर सकते। बच्चों ने ये भी बताया है कि यौन शोषण का ये सिलसिला दो महीने से नहीं बल्कि डेढ़ साल से चल रहा था। बच्चों को धमकी भी दी जाती थी कि अगर किसी को बताया को जान की खैर नहीं। यही नहीं जब मां घर पर नहीं होती तो वो घर पर भी आ धमकते थे। काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने ये भी खुलासा किया है कि टीचरों, सीनियर छात्रों और कैब ड्राइवरों का ग्रुप अक्सर बच्चों को अलग-अलग ले जाता था। ऐसा भी हुआ जब टीचर, छात्र और ड्राइवर मिलकर बच्चों को अपने साथ ले गए।
चिट्ठी के मुताबिक फोटोमिक रूम की एक टीचर जो कंप्यूटर पर बैठती हैं, हाजिरी का हिसाब भी उन्हीं के पास रहता है। छोटे वाले गेट का चौकीदार पैसे लेकर बाहर जाने देता है। सर, बेसमेंट में सिंगिंग के रूम में हम सब लोगों को ले जाकर हमारे बैग रखवाकर हमें छोटे गेट से पीछे के रास्ते से बाहर ले जाते थे। आईबीएन 7 के पास मौजूद इस चिट्ठी में लिखा गया है कि हमारे साथ दूसरे स्कूल की तीन लड़कियां भी होती थीं जो ब्लू ड्रेस और सफेद चुन्नी में होती थीं। हमारे अलावा स्कूल के सात और बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया।
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